देवास। एक व्यक्ति ने अपने आप को कैंची मारकर आत्महत्या करने का प्रयास किया। व्यक्ति का आरोप है कि उसकी पत्नी धर्म परिवर्तन करने के नाम से काफी प्रताडि़त कर रही है, उसके बच्चों को जय श्री राम बोलने से भी रोकती है। बच्चों से मिलने को रोकती है। व्यक्ति ने कल सुसाइड नोट लिखकर आत्महत्या का प्रयास किया था, उसे गंभीर हालत में उपचार के लिए जिला चिकित्सालय लेकर आए यहां वह उपचारत है।

जानकारी के अनुसार शुक्रवार शाम को उमाकांत पिता गोविंद नारायण शर्मा उम्र 47 वर्ष हाल मुकाम मिश्रीलाल नगर मूल निवासी ओरछा जिला ओरैया उत्तरप्रदेश है। उमाकांत ने बताया कि पिछले एक साल से पत्नी उसकी बहन व ससुराल वाले ईसाई धर्म अपनाने के लिए दबाव बना रहे हैं। साथ ही उसके दो बच्चों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। बच्चों को श्री राम भी बोलने से रोका जाता है। उसने बताया कि पत्नी बच्चों से कहती है कि जय श्री राम का नाम नहीं बोलना चाहिए। इससे परेशान होकर उसने अपने आप को कैंची मार ली थी।
हिंदू रिति रिवाज के साथ चर्च में की थी शादी
उमाकांत शर्मा ने बताया कि पहले बीना में रहता था। मेरे पिताजी पुलिस विभाग में थे। बीना में ही मेरे घर के पड़ोस में युवती क्लेरा रहती थी। उससे प्रेम हो गया था। दोनों ने घर से भागकर हिंदू रिति रिवाज से 2010 में ओरछा के रामलला मंदिर में शादी की थी। उसके बाद क्लेरा के माता-पिता और मेरे माता-पिता हम दोनों की शादी से राजी हो गए। वर्ष 2011 में दोनों परिवारों की सहमति से दिल्ली के रिठाला चर्च में एक बार फिर शादी करवाई गई। इसके बाद फिर एक बार हिंदू रीति-रिवाज से विवाह हुआ था। उमाकांत ने बताया कि उसकी पत्नी लगातार उसे प्रताडि़त कर रही है। यहां तक कि उसका मोबाइल फोन भी ले लिया है। ससुराल वाले झूठे प्रकरण में फंसाने की धमकी दे रहे हैं। शुक्रवार को जब वह अपने बच्चों से मिलने गया तो ससुराल वालों ने उसे घर से बाहर कर दिया, इसके बाद उमाकांत ने खुद को कैंची मार ली थी। वहीं घायल अवस्था में उसे जिला चिकित्सालय लेकर गए जहां अस्पताल परिसर में ससुराल पक्ष के लोगों ने उसके साथ मारपीट की।

बच्चों को जय श्रीराम बोलने नहीं दिया जाता
उमाकांत शर्मा ने बताया कि मेरी पत्नी बच्चों से मिलने नहीं देती है, मुझसे कहती है कि इंदौर में जो हादसा राजा रघुवंशी का हुआ था उससे भी बुरा हाल कर दूंगी तुम्हारा। उसके बच्चों को धार्मिक अभिव्यक्ति की भी स्वतंत्रता नहीं दी जा रही है। उन्हें जय श्रीराम बोलने से भी रोका जाता है। बच्चों से मेरी पत्नी कहती है कि गंदी बात है जय श्री राम बोलना…। अपने भगवान ईसा मसीह है। इसी तनाव के चलते उसने एक सुसाइड नोट भी लिखा था, लेकिन अस्पताल में मारपीट के दौरान किसी ने वह नोट निकाल लिया। इधर पुलिस का कहना है कि यदि पीडि़त लिखित शिकायत करता है तो जांच की जाएगी।