देवास। दो वर्ष पूर्व पिता को पुत्र ने अन्य महिला के साथ आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था, जिसके बाद पिता ने पुत्र की जघन्य रुप से हत्या कर दी थी। प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन था, कल इस मामले में न्यायाधीश ने फैसला सुनाते हुए आरोपी पिता को आजीवन कारावास से दंडित किया। इस मामले को लेकर आज पुलिस अधीक्षक ने प्रेस वार्ता कर प्रकरण का खुलाया किया।

पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोत ने बताया कि दो वर्ष पूर्व 7 दिसंबर 2022 को बरोठा थाना अंतर्गत ग्राम बांगरदा में आरोपी मोहनलाल पिता रामचंद्र चौहान को उसके पुत्र हरीओम ने अन्य महिला के साथ आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था। इसके बाद महिला द्वारा हरीओम को रास्ते से हटाने और ऐसा नहीं करने पर आत्महत्या का दबाव बनाया जा रहा था। जिस पर आरोपी पिता ने पुत्र का रस्सी से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी और दोनों हाथ दराते से काटकर खेत पर बने बोरवेल में फैंक दिए थे। पुलिस ने धारा 302, 201,120-बी, 109, 34 में प्रकरण पंजीबद्ध कर मामले को विवेचना में लिया था। पुलिस ने दो दिनों में 9 दिसंबर 2022 को आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया था। प्रकरण में 15 मार्च 2023 को पुलिस ने न्यायालय में चालान पेश किया था। तब से प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन था। कल इस प्रकरण की सुनवाई न्यायाधीश ने की जिसमें आरोपी पिता मोहनलाल को आजीवान कारावास से दंडित कर जेल भेज दिया। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि प्रकरण के यायालय में विचारण के दौरान न्यायालय द्वारा जारी समस्त आदेशिकाओं की तामीली समय से कराई गई। प्रकरण के पैरवीकर्ता जिला लोक अभियोजक गोविंद प्रसाद घाटिया द्वारा अभियोजन की उत्कृष्ट व सटीक पैरवी कर पक्ष मजबूती से रखा। साथ ही उक्त प्रकरण में विवेचक की उत्कृष्ट विवेचना के फलस्वरुप प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश आदेश कुमार जैन ने आरोपी मोहनलाल पिता रामचंद्र चौहान को जघन्य अपराध कारित करने पर आजीवन कठोर कारावास व 2 हजार रुपये के अर्थदंड से दण्डित किया है।

ऐसे की थी पिता ने पुत्र की हत्या
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार आरोपी मोहनलाल की दो पत्नियां थी। एक पत्नी कई साल पहले उसे छोडक़र चली गई थी, वह अपने बेटे के साथ वर्तमान में इंदौर में रह रही है। दूसरी पत्नी बांगरदा में ही रहती है जो मानसिक रूप से बीमार है। मृतक हरिओम दूसरी पत्नी से इकलौता बेटा था, उसकी एक बहन भी है। इस मामले को लेकर बताया गया है कि 2 दिसंबर 2022 की रात को हरिओम ने अपने पिता व महिला को आपत्तिजनक हालत में देखा था, इसके बाद से ही महिला उसे रास्ते से हटाने की बात मोहनलाल से कहने लगी थी। 4 दिसंबर की देर रात करीब ढाई बजे मोहनलाल खेत में सिंचाई करने का बहाना करके हरिओम को अपने साथ ले गया। खेत पर बने खेत मालिक के मकान की छत पर हरिओम को ले जाकर मोहनलाल ने मारपीट करते हुए रस्सी से गले में फंदा डालकर नीचे लटका दिया। बाद में रस्सी को काटा, उस समय तक हरिओम की मौत नहीं हुई थी। उसे लेकर खेत की ओर गया और दराते की मदद से उसके हाथ काट दिए और हरिओम की शर्ट में लपेटकर बोरवेल में डाल दिए। बाद में शव को खेत के समीप झाडिय़ों में फेंक दिया।

आरोपी के अवैध संबंध का पुत्र को पता चल गया था
पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोत ने बताया कि दो वर्ष पूर्व 7 दिसंबर 2022 को बरोठा थाना अंतर्गत मोहनलाल पिता रामचंद्र चौहान ने अपने ही पुत्र की जघन्य हत्या कर दी थी। आरोपी के अवैध संबंध किसी महिला से थे जब इसकी बात बेटे को पता चली तो उसी बात को लेकर पिता पुत्र में विवाद हुआ और पिता ने अपने पुत्र का गला रस्सी से घोंट कर उसकी हत्या कर दोनों हाथों को काटकर बोरवेल में फेंक दिया था। यह जघन्य हत्याकांड था, जिसमें व्यापक रुप से जनमानस को प्रभावित किया। पुलिस अधीक्षक ने उल्लेखनीय कार्य करने वाली टीम को प्रशंसित करते हुए आगामी प्रकरणों में और अधिक दता से कार्य करन के लिए प्रेरित किया।

इनका रहा सराहनीय कार्य
न्यायालय में चिन्हित प्रकरण के विचारण के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयवीर सिंह भदौरिया, उप पुलिस अधीक्षक (एल/आर) संजय शर्मा, तत्कालीन बरोठा थाना प्रभारी प्रदीप राय, थाना प्रभारी अजय सिंह गुर्जर व कोर्ट मोहर्रिर के रुप में आर विष्णु कचनार, कोर्ट मुंशी अशोक डिंडोर व वारंट मुंशी विकास आस्के का सराहनीय कार्य रहा।