देवास। किसानों की भूमि अधिग्रहण को लेकर आज भारतीय किसान यूनियन सूर्यवंशी संगठन के साथ जिले के किसान कलेक्टर कार्यालय पहुंचे जहां उन्होने बताया कि इंदौर में किसानों को भूमि अधिग्रहण के एवज में 1 बीघा का 1 करोड़ रुपए से अधिक मूल्य शासन की और से मिल रहा है। इस संबंध में संगठन की और से ज्ञापन कलेक्टर कार्यालय में एडीएम को सौंपा।

इंदौर के विकास के लिए हाइवे निर्माण हेतु देवास के किसानों की जमीन अधिग्रहण और जमीन की उचित मुआवजे के संबंध मे इंदौर से देवास की ओर गुजरने वाले हाइवे प्रोजेक्ट में देवास जनपद के गांव नारायणगढ़, कुमारिया, नागौरा एवं पार्वतीपुरा आदि गांवों के किसानों की कृषि भूमि का अधिग्रहण होना है। जिसके मुआवजे को लेकर किसान भाइयों में अत्यधिक रोष व्याप्त हैं। इस समस्या को लेकर भारतीय किसान यूनियन सूर्यवंशी की टीम के जिलाध्यक्ष चेतन जैन व प्रदेश अध्यक्ष सपना भरोसिया के नेतृत्व में किसान भाइयों के साथ समस्त किसान संगठन के पदस्थ अधिकारी ने मिलकर किसानों की समस्याओं को लेकर कलेक्टर कार्यालय में एडीएम बिहारीसिंह को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में सर्वोत्तम मांग रही है की भूमि अधिग्रहण से पहले मुआवजे की राशि किसानों भाईयों को दी जाए। बाजार मूल्य के साथ नहीं तो भूमि के बदले में भूमि दी जाए।

इंदौर में 1 बीघा के 1 करोड़
इस संबंध में भारतीय किसान यूनियन सूर्यवंशी की प्रदेश अध्यक्ष सपना भरोसिया ने बताया कि किसानों की मूल समस्या है कि इनकी जमीन अधिग्रहण की जा रही है इंदौर से लेकर धार तक जो रिंग रोड़ बन रहा है उसमें भूमि अधिग्रहण में 1 बीघा का 1 करोड़ 65 लाख रुपए बीघा के हिसाब से रुपए शासन दे रहा है। इसकी अपेक्षा देवास जिले के जो किसान है उन्हें इनकी जमीन अधिग्रहण करने पर बाजार मूल्य के हिसाब से बहुत कम मुआवजा दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देकर अवगत करा रहे हैं कि किसानों को एक ही दृष्टि से देखा जाए सभी को एक जैसा ही मुआवजा दिया जाए। इंदौर रोड़ स्थित देवास जिले में आने वाले करीब 5 गांवों के किसानों को भूमि अधिग्रहण में 7 से 8 लाख रुपए प्रति बीघा के हिसाब से रुपए शासन दे रहा है। हमारी मांग है कि भूमि का अणिग्रहण करने से पहले किसानों को निष्पक्षता के साथ अधिग्रहण की राशि शासन दे।