शहर में पानी के लिए बनी समस्या, जलप्रदाय होने पर मिल रहा मटमेला पानी……!-कांग्रेस पार्षदों ने किया विरोध, निगम प्रांगण में मटके फोडक़र किया प्रदर्शन…….!-शहर में जल संकट गहराने लगा, इसके जिम्मेदार महापौर और निगम अधिकारी : प्रतिपक्ष नेता राहुल पंवार-विधायक व महापौर के साथ भोपाल जाकर मुख्यमंत्री से चर्चा करेंगे : दुर्गेश अग्रवाल

देवास। शहर में पिछले कई दिनों से पानी की समस्या बनी हुई है। शहर के वार्डों में नियमित रुप से जलप्रदाय नहीं हो पा रहा है। कई वार्डों में पिछले तीन दिनों से जलप्रदाय नहीं हुआ। पानी की समस्या को लेकर आज कांग्रेस पार्षदों ने नगर निगम कार्यालय के प्रांगण में मटके फोडक़र विरोध किया। पार्षदों का कहना है कि इस समस्या से शहर के 45 वार्डों की जनता परेशान है, नगर निगम अधिकारियों का इस और कोई ध्यान नहीं है। वहीं महापौर प्रतिनिधि का कहना है कि गर्मी के पूर्व ही शिप्रा नदी का वाटर लेवल कम हुआ है। उन्होनें कहा कि निश्चित रुप से पानी की समस्या है इस बात को स्वीकार कर रहे हैं, लेकिन जनप्रतिनिधियों को ऐसी परिस्थिति में राजननीतिक नौटंकी नहीं करके समस्या का समाधान करने के लिए प्रयास व सहयोग करना चाहिए।


शहर के लगभग सभी वार्डों में पिछले कुछ दिनों से पानी की समस्या बनी हुई है। जबकि अभी गर्मी ने अपने तेवर बताए नहीं उससे पहले नगर निगम के जलप्रदाय विभाग के अधिकारियों ने अपने तेवर बताना शुरु कर दिए। इस समस्या से परेशान लोगों का कहना है कि हम समय पर जलकर का भुगतान करते हैं, उसके बावजूद नियमित रुप से जलप्रदाय नहीं होना निगम की घोर लापरवाही और अधिकारियों का भ्रष्टाचार है। रहवासियों ने बताया कि नगर निगम की जल वितरण प्रणाली बहुत खराब है। लोगों को पानी के लिए सुबह 4 बजे से जागना पड़ता है। उसके बाद भी पीने का पानी गंदा आता है।


पानी उज्जैन में स्नान के लिए पहुंचाया
आज पानी की समस्या को लेकर निगम प्रांगण में कांग्रेस पार्षदों ने नारेबाजी की और मटके फोडक़र विरोध प्रदर्शन किया। नेता प्रतिपक्ष पार्षद प्रतिनिधि राहुल पंवार ने बताया कि यदा-कदा पानी आता है तो गंदा और मटमेला पानी आता है, इसकी शिकायत महापौर और निगम आयुक्त को कर चुके हंै। शहर के सभी 45 वार्डों में पानी की समस्या से लोग परेशान हैं। नगर निगम इस और कोई ध्यान नहीं दे रहा है। महापौर और निगम अधिकारियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि शहर में जल संकट गहराने लगा है इसके जिम्मेदार महापौर और नगर निगम के अधिकारी हैं।

अधिकारियों और महापौर का कहना है कि शिप्रा में पानी नहीं है, जबकि इन्होंने उज्जैन में पानी अमावस्या पर्व पर स्नान के लिए पहुंचाया। जो कंपनी इन्हें पानी सप्लाई करती थी उसकी राशि बाकी होने के चलते उसने सप्लाय बंद की है ऐसे में देवास में लोगों को पानी नहीं मिल पा रहा जबकि अभी गर्मी की शुरुआत हुई है। ऐसे में आने वाले दिनों में काफी मुश्किल हो जाएगी। हमारी मांग है कि महापौर को तुरंत इस्तीफा देना चाहिए। इसके साथ ही हमने पहले गंदे पानी की भी शिकायत की थी लेकिन उसका भी कोई हल नहीं निकला है।


निजी बोरिंग जल संकट को लेकर अधिगृहित करेंगे
महापौर प्रतिनिधि दुर्गेश अग्रवाल ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से शहर का जलप्रदाय प्रभावित हुआ है। उसका कारण यह है कि एनवीडीए से नगर निगम को जितना पानी मिलना चाहिए उतना नहीं मिल पा रहा है। तीन दिनों से नर्मदा नदी का पानी हमें मिलना शुरु हुआ है। एनवीडीए के अधिकारियों से चर्चा की जा रही है। विधायक भी इस बात को लेकर चिंतित है वह भी लगातार एनवीडीए के अधिकारियों से चर्चा कर रही है। 5 अप्रेल को अगर मुख्यमंत्री भोपाल रहे तो विधायक व महापौर के साथ भोपाल जाकर मुख्यमंत्री से चर्चा करेंगे कि एनवीडीए से जितना पानी देवास को मिलना चाहिए वह पूरा और प्रेशर से पानी मिले। शहर के लोग पानी की समस्या से परेशान न हो इसके लिए निगम अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए जाएंगे। निजी बोरिंग भी जल संकट को लेकर अधिगृहित करेंगे और जनता को नल के माध्यम से जल समय पर नहीं मिल पा रहा है वहां टेंकर के माध्यम से जल का वितरण करवाया जाएगा। वहीं कांग्रेस के प्रदर्शन पर कहा कि जनप्रतिनिधियों को ऐसे समय में राजनीतिक नौंटकी नहीं करते हुए समस्या के समाधान के लिए प्रयास करना व सहयोग करना चाहिए।


मांग 43 एमएलडी की, 33 एमएलडी मिल रहा
कार्यपालन यंत्री इंदु भारती ने बताया कि शहर में जलप्रदाय शिप्रा नदी से होता है, गर्मी के माह मार्च, अप्रेल, मई में शिप्रा नदी से निर्भर रहना पड़ता है। नदी गर्मी में सूख जाती है। ऐसे में हम एनवीडीए पर आश्रित रहना पड़ता है। जैसे-जैसे एनवीडीए हमें पानी उपलब्ध करता है। उसी हिसाब से हम देवास में पानी की आपूर्ति करते हैं। अभी शिप्रा डेम का लेवल कम हैं। एनवीडीए के द्वारा बहुत कम पानी उपलब्ध किया जा रहा है। हमें नियमित आपूर्ति के लिए 3 मीटर के आसपास पानी चाहिए, इसी के कारण शहर में पानी की समस्या बनी हुई है। शहर पानी आपूर्ति के लिए 43 एमएलडी पानी की मांग है। लेकिन हम 33 से 35 एमएलडी पानी दे पा रहे हैं। जैसे ही एनवीडीए से पानी की आवश्यकता अनुसार पूर्ति हो जाएगी, हम नियमित रुप से जलप्रदाय करेंगे। कुछ वार्डों की शिकायतें मिली है कि वहां पर जलप्रदाय बराबर नहीं हो पा रहा है। शिप्रा डेम में पानी की उपलब्धता नहीं है इस कारण समस्या बनी हुई है। हम एनवीडीए से लगातार संपर्क में है जल्द ही समस्या का निराकरण करेंगे।

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